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दीपावली समाज के लिए कितनी सही है।

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दीपावली के दिन  अयोध्या  के राजा  राम अपने चौदह वर्ष के वनवास के पश्चात लौटे थे। [ अयोध्यावासियों का हृदय अपने परम प्रिय राजा के आगमन से प्रफुल्लित हो उठा था। श्री राम के स्वागत में अयोध्यावासियों ने  घी  के दीपक जलाए।  कार्तिक  मास की सघन काली  अमावस्या  की वह रात्रि  दीयों  की रोशनी से जगमगा उठी। तब से आज तक भारतीय प्रति वर्ष यह प्रकाश-पर्व हर्ष व उल्लास से मनाते हैं।  भारतीयों  का विश्वास है कि  सत्य  की सदा जीत होती है झूठ का नाश होता है। दीवाली यही चरितार्थ करती है-  असतो मा सद्गमय , तमसो मा ज्योतिर्गमय। दीपावली स्वच्छता व प्रकाश का पर्व है। कई सप्ताह पूर्व ही दीपावली की तैयारियाँ आरंभ हो जाती हैं। लोग अपने घरों, दुकानों आदि की सफाई का कार्य आरंभ कर देते हैं। घरों में मरम्मत, रंग-रोगन, सफेदी आदि का कार्य होने लगता है। लोग दुकानों को भी साफ-सुथरा कर सजाते हैं। बाजारों में गलियों को भी सुनहरी झंडियों से सजाया जाता है। दीपावली से पहले ही घर-मोहल्ले, बाजार सब साफ-सुथरे व सजे-धजे नज़र आते हैं । लेकिन यही असल...

जाने सत भक्ति से अद्भुत लाभ

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सत भक्ति से ऐड्स या कैंसर जैसी बीमारी ठीक होती है। वैसे कोरोना वायरस से बचने के लिए सतभक्ति ज़रूरी है।

who is god?

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Kabir is supreme god

शराबी व्यक्ति विचार करें

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सतभक्ति से शराब छूट सकती है। आज संत रामपाल जी से उपदेश लेकर बहुत लोग शराब छोड़ चुके हैं और उनके परिवार में खुशहाली आई है।